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बांग्लादेश में चीन के असर को कम करने के लिए भारत और जापान ने जताया इन परियोजनाओं पर सहमति

जिस तरह  भारत और चीन की दुश्मनी जगजाहिर है उसे  देखते हुए भारत बांग्लादेश में चीन के लिए कोई जगह  चाहता है | जिस तरह से पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश के लिए 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को लगाने का ऐलान करके चीन की धड़कने तेज  कर दिया ठीक वैसे ही एक और परियोजना के साथ चीन को एक और झटका देने के फ़िराक में है|

India-Japan

भारत बांग्लादेश में कुछ दूसरी बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के  में सोच रहा है| इन परियोजनाओं में चटगांव और मंगला में दो अहम् बंदरगाहों का निर्माण करना और इन दोनों बंदरगाहों को जोड़ने के लिए सड़क बनाने  के साथ साथ एक ऊर्जा परियोजना है| और सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इन परियोजनाओं का भारत की मदद जापान करना चाहता है|
बांग्लादेश में चीन के असर को घटाने की आक्रामक रणनीति

सूत्रों के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कुछ दिन पहले जापान गए थे तभी इन परियोजनाओं के बारे में जापानी पीएम शिंजो आबे से बात हुई थी| और इस बात पर सहमति हुई थी कि भारत और जापान दोनों मिलकर बांग्लादेश में राष्ट्रीय निर्माण की एक सड़क का निर्माण करेंगे|  जिसने अकेले सड़क का निर्माण करेगा और जापान इस सड़क से जुड़े सभी ब्रिजों का काम करेगा| भारत और जापान के द्वारा बांग्लादेश में चीन के असर को घटाने की आक्रामक रणनीति है|

बांग्लादेश

आपको बता दें कि बांग्लादेश में नदियों की संख्या बहुत ज्यादा है इसलिए इस सड़क में पूल निर्माण का हिस्सा भी बहुत महत्वपूर्ण है| इसलिए दोनों देश मिलकर इस परियोजना पर काम करना चाहते है|  भारत और जापान मिलकर दक्षिण एशिया में और भी बहुत सारी परियोजना एकसाथ मिलकर शुरू करना चाहते हैं|

यह दोनों देश मिलकर बांग्लादेश को और भी कुछ नायब तोहफे देने चाहते है| इन तोहफे में ऊर्जा क्षेत्र से जुडी परियोजनाएं शामिल है| अगर भारत और जापान मिलकर इस परियोजना को शुरू करते हैं तो इन दोनों देशों को आगे और भी परियोजनाओं पर एक साथ काम करने के आसार बढ़ेंगे|

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